पटाखा बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला धुआं हो गया, दिल्ली में प्रदूषण लेवल खतरनाक

पटाखा बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला धुआं हो गया, दिल्ली में प्रदूषण लेवल खतरनाक

सवाल- दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर बैन से प्रदूषण कम हुआ?

जवाब- धुआं हो गया सुप्रीम कोर्ट का फैसला, दिल्ली-NCR में खूब जले पटाखे

नई दिल्ली:  दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की ओर से पटाखों की बिक्री पर बैन लगाने का कोई असर नहीं दिखा. दिवाली की रात दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नजरअंदाज करते हुए जमकर आतिशबाजी की गई. शाम करीब सात बजे के बाद PM 2.5 और PM 10 की मात्रा हवा में तेजी से बढ़ गई.

आसमान में प्रदूषण भरी धुंध साफ देखी जा सकती है. आंकड़ों की भी बात करें तो बीते साल दिवाली से प्रदूषण कम तो हुआ है लेकिन इसमें बड़ी गिरावट नहीं है.

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रात कई जगहों पर प्रदूषण का स्तर सामान्य से 12 गुना तक ज्यादा-

दिवाली की रात कई जगहों पर प्रदूषण का स्तर सामान्य से 12 गुना से ज्यादा हो गया . दिल्ली के श्रीनिवासपुरी, वजीरपुर, करणी सिंह स्टेडियम, ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, ITI जहांगीरपुरी, आनंद विहार बस अड्डा, मंदिर मार्ग, पंजाबी बाग और आरके पुरम में प्रदूषण काफी बढ़ गया.

एयर क्वालिटी इंडेक्स 319-

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार बृहस्पतिवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 319 था. मतलब हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रही. पिछले साल 30 अक्तूबर को दिवाली के दिन यह इंडेक्स 431 था.

301 से 400 के बीच की स्थिति को बेहद खराब माना जाता है-

बता दें कि शून्य से 50 के बीच एयर क्वालिटी इंडेक्स को अच्छा माना जाता है जबकि 51 से 100 के बीच इंडेक्स को संतोषजनक माना जाता है. 201 से 300 के बीच इंडेक्स रहता है तो उसे खराब और 301 से 400 के बीच की स्थिति को बेहद खराब माना जाता है. 401 से अधिक के इंडेक्स को खतरनाक माना गया है.

वजीरपुर की हवा दिल्ली में सबसे ज्यादा प्रदूषित है-

वहीं दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमेटी के आंकड़ों के मुताबिक वजीरपुर की हवा दिल्ली में सबसे ज्यादा प्रदूषित है. वहीं दूसरे नंबर पर आनंद विहार का बस अड्डा आता है. दिल्ली की पॉश इलाकों की हालत भी ठीक नहीं है. दिल्ली के पॉश इलाकों में प्रदूषण का स्तर सामान्य से लगभग सात गुना तक ज्यादा है.

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दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमेटी ने आरके पुरम में PM2.5 और PM10 की मात्रा को 878 और 1,179 रिकॉर्ड किया. ये डाटा रात करीब 11 बजे का है. 24 घंटे के लिए PM 2.5 और PM10 की जो सेफ लिमिट रखी गई थी तो वो 60 और 100 थी लेकिन दिल्ली वालों ने इस लिमिट को 10 गुणा तक बढ़ा दिया.

अपेक्षाकृत कम पटाखों के आवाज सुनाई दिए-

वैसे एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक के तत्काल प्रभाव का आंकलन करना संभव नहीं लेकिन दिल्ली वासियों का कहना है कि दिवाली की शाम को अपेक्षाकृत कम पटाखों के आवाज सुनाई दिए. हालांकि रात बढ़ने के साथ पटाखों का शोर बढ़ने लगा.

सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी और वेदर फॉरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) के मुताबिक रात 11 से तीन बजे के बीच प्रदूषण की स्थिति सबसे खराब रही.

अनुकूल मौसम की वजह से हवा की गुणवत्ता बेहतर रहेगी-

इसी तरह दिल्ली से जुड़े गुड़गांव, नोएडा और गाजियाबाद में भी प्रदूषण की स्थिति बेहद खराब रही. एनसीआर के इन क्षेत्रों में जमकर पटाखे जलाए गए. वैसे SAFAR ने अनुमान लगाया है कि दिवाली के बाद अनुकूल मौसम की वजह से हवा की गुणवत्ता बेहतर रहेगी.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 9 अक्टूबर को एक नवंबर तक दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर बैन लगाया था. सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऑर्डर में कहा है कि कुछ शर्तों के साथ पटाखों की बिक्री एक नवंबर, 2017 यानी दिवाली गुज़र जाने के बाद फिर से की जा सकेगी.

हालांकि कोर्ट के आदेश में पटाखों के जलाए जाने पर बैन नहीं था. इसी के चलते दिल्ली-एनसीआर में दिवाली की रात तक पटाखों का शोर साफ़ सुना जा सकता था. अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वो इस बैन का मक़सद ये देखना है कि क्या दिवाली से पहले पटाखों के बिक्री पर बैन से प्रदूषण में कमी आती है या नहीं.

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