आध्यात्मिक बाबा ने खोल रखी थी सेक्स यूनिवर्सिटी, रोज करता था 10 रेप !

आध्यात्मिक बाबा ने खोल रखी थी सेक्स यूनिवर्सिटी, रोज करता था 10 रेप !

दिल्ली: रोहणी इलाके के विजय विहार एरिया में पांच मंजिल की बिल्डिंग और बिल्डिंग पर लगे आध्यात्मिक यूनिवर्सिटी के बोर्ड, बाहर से देखने में सुख और शांति का भंडार लगने वाले इस मकान में जब पुलिस पहुंची तो उसने सबसे पहले उन महिलाओं से पूछा जो यहां बाबा के साथ रहती थी. पहले तो महिलाओं ने पुलिस को बहलाने की कोशिश की. लेकिन जब पुलिस ने पूरे आश्रम की तलाशी ली तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. हाई कोर्ट के एक आदेश के बाद छापा मारने पहुंची पुलिस जिस बिल्डिंग को आध्यात्मित यूनिवर्सिटी मान रही थी वो सेक्स और अवैध कर्मकांड़ का अड्डा निकली.

आध्यात्मिक यूनिवर्सिटी में पड़ी रेड-

दरअसल, मंगलवार को दिल्ली शहर के एक आध्यात्मिक यूनिवर्सिटी में रेड पड़ी. पुलिस वाले आश्रम में घुस गए. आध्यात्मिक यूनिवर्सिटी में आध्यात्म की ओर ले जाने की ओर दावा करने वाले आश्रम में ड्रग्स की गोलियां और सीरींज बरामद हुए. जिसके बाद पुलिस ने एक महिला और एक गार्ड को हिरासत में लिया गया. बता दें कि रोहिणी इलाके में चलने वाले इस आश्रम को वीरेंद्र देव दीक्षित नाम का एक बाबा चलाता था. आश्रम की देशभर में कई ब्रांच चलती हैं. इनमें हर उम्र की लड़कियां रहती हैं.

आश्रम लगभग 30 साल से दिल्ली में है. और यहां के बाबा वीरेंद्र दीक्षित पर पहले भी लड़कियों के यौन शोषण के आरोप लगते आए हैं. मामला तब सामने आया जब बीते 12 नवंबर को एक औरत की ओर से दिल्ली में बाबा के खिलाफ केस दर्ज हुआ. औरत के मुताबिक़ मामला साल 2000 का था.

दिल्ली कमीशन फॉर वीमेन की प्रमुख स्वाति मालीवाल के नेतृत्व में जब ये रेड पड़ी, आश्रम के लोगों ने उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया. आश्रम के लोगों का कहना था कि सारे आरोप झूठे हैं. आश्रम में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं होता. मगर रेड में बरामद हुई चीजों से कुछ और ही पता चल रहा था.

ये इकलौता केस नहीं था-

बाबा वीरेंद्र दीक्षित के खिलाफ ये इकलौता केस नहीं था. नवंबर में इनका नाम उछलने पर पुलिस ने मीडिया को बताया था कि इस आदमी के खिलाफ दूसरे राज्यों में भी केस चल रहे हैं. मगर पुलिस इस तक पहुंच नहीं पा रही है. ऐसे ही एक केस के चलते बाबा उत्तर प्रदेश में एक बार गिरफ्तार भी हो चुका है.

आश्रम लोगों को अपनी बेटियों को भेजने के लिए प्रेरित करता रहता था. आश्रम दावा करता था कि यहां उनकी नाबालिग बेटियों का नैतिक विकास होगा और वो आध्यात्म के करीब आएंगी. आश्रम मां-बाप से 10 रुपए के स्टैंप पेपर पर साइन करवाता था, जिसमें लिखा होता था कि वे अपनी इच्छा से अपनी बेटियों को आश्रम में भेज रहे हैं.

आध्यात्मिक यूनिवर्सिटी

एक बार बेटी आश्रम में पहुंच गई, तो उसे मां-बाप को उससे मिलने नहीं देते थे. अंदर ही अंदर बेटियों को ट्रांसफर करते रहते थे. जब बेटी बालिग हो जाती थी, तो उसे झांसा देकर एक ऐसे कागज़ पर साइन करवाते थे जिसपर लिखा होता था कि वो अपनी मर्जी से आश्रम में है. बालिग़ लड़की अगर अपनी मर्जी से आश्रम में है तो चाहकर भी उसके मां-बाप कुछ नहीं कर सकते.

अंदर ही अंदर लड़कियों को करवाता था ट्रांसफर-

इसी आश्रम में एक रिटायर्ड पुलिस अफसर के बेटी की कहानी डराने वाली है. पुलिस अफसर की बेटी महज 14 साल की थी, जब वो उसे बाबा के आश्रम में छोड़कर आए थे. दिल्ली में छोड़ने के बाद उन्हें उनकी बेटी उत्तर प्रदेश में मिली. अंदर ही अंदर लड़कियों को ट्रांसफर करते रहना और मां-बाप को इसके बारे में न बताना यहां का नियम था. छोटे-छोटे कमरे और गलियारों की भूल भुलैया, हर एक दरवाजे की निगरानी–ऐसे में किसी भी लड़की के लिए भागना मुश्किल होता था.

बाबा हर दिन लगभग दस रेप करता था-

बाबा वीरेंद्र दीक्षित का कहना था की वो कृष्ण था और आश्रम की लड़कियां गोपियां थीं. कृष्ण की तरह बाबा अपनी 16 हजार रानियां चाहता था. लड़कियों की मानें तो बाबा हर दिन लगभग दस रेप करता था.

अंदरूनी ख़बरों के मुताबिक़ बाबा देश भर के हर आश्रम में इस बात का ध्यान रखवाता कि किस लड़की को कब उसका पहला पीरियड आया है. जिस दिन लड़की का पहला पीरियड आता था, वो उसे उसी दिन हवाई जहाज से अपने पास बुलाता था ताकि उसका रेप कर सके.

बाबा के एक भक्त के मुताबिक बाबा पक्का ड्रग एडिक्ट था. ‘एक बार ट्रेन से सफ़र करते वक़्त बाबा ने मुझसे कॉन्डम मंगवाया. और बताया कि वो लड़कियों से खुद को प्रदूषित नहीं होने देना चाहता. इसलिए कॉन्डम साथ रखता है.’

एक एनजीओ ने कोर्ट में लगाई थी गुहार –

लड़कियों और महिलाओं को बंधक बनाकर सेक्शुअल हैरसमेंट के आरोप के बाद एक एनजीओ ने कोर्ट में गुहार लगाई थी. कोर्ट ने को महिला आयोग को जांच का आदेश दिया था. कार्रवाई के बाद महिला आयोग की टीम ने बुधवार को हाईकोर्ट को रिपोर्ट सौंपी. एडिशनल चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी हरिशंकर ने कहा कि यह राम-रहीम जैसा मामला हो सकता है इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए.

पुलिस और आयोग की टीम जब आश्रम पहुंची तो पाया की, पांचवी मंजिल में बने ध्यान केंद्र में हर जगह पर नजर रखी जाती है. महिलाओं के सोने की जगह पर भी. ध्यान केंद्र में बगैर परमिशन के कोई नहीं जा सकता. डीडब्ल्यूसी अध्यक्ष स्वाति जयहिंद ने बताया कि यह आश्रम नहीं, छावनी है. हर जगह पर मेटल गेट हैं, जिन पर ताले लगे रहते हैं. वीरेंद्र के शिष्यों ने आश्रम पर रेड मारने पहुंची टीम को एक दायरे से ज्यादा आगे नहीं जाने दिया. टीम ने इसी दायरे में तलाशी ली तो बाबा के अश्लील वीडियो और किताबों समेत कई आपत्तिजनक सामान मिले.

News18tv

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