मानिकपुर: वास्को डि गामा एक्सप्रेस पटरी से उतरी, 3 की मौत और 15 घायल, जांच के आदेश

मानिकपुर: वास्को डि गामा एक्सप्रेस पटरी से उतरी, 3 की मौत और 15 घायल, जांच के आदेश

चित्रकूट : उत्तर प्रदेश में मानिकपुर रेलवे स्टेशन के निकट आज तड़के वास्को डि गामा-पटना एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई है. ट्रेन के 13 डिब्बे पटरी से उतर गए हैं. हादसे में 3 लोगों की मौत हुई है जबकि 15 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक छह साल का मासूम और उसका पिता शामिल हैं. हादसे में नौ अन्य यात्री घायल हो गये.

मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये-

रेलमंत्री पीयूष गोयल ने दुर्घटना पर गहरा दुख प्रकट करते हुए मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये और मामूली रूप से घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. गोयल ने रेलवे सुरक्षा आयुक्त द्वारा हादसे की जांच का आदेश दिया है। साथ ही रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी को मौके पर पहुंचने के लिए कहा है.

वास्को डि गामा एक्सप्रेस पटरी से उतरी

राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू-

गोयल ने ट्वीट कर कहा, ‘राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू कर दिया गया. उत्तर प्रदेश के मानिकपुर में वास्को डि गामा-पटना एक्सप्रेस के डिब्बे पटरी से उतरने के मामले की जांच के आदेश दिये गये हैं.’ इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रेल दुर्घटना में यात्रियों की मृत्यु पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की. मुख्यमंत्री ने दुर्घटना में घायल यात्रियों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए अधिकारियों को उनके समुचित एवं त्वरित उपचार के निर्देश भी दिए.

ट्रेन वास्को डि गामा से पटना जा रही थी-

चित्रकूट डीएम ने बताया कि ट्रेन वास्को डि गामा से पटना जा रही थी. एसपी प्रताप गोपेंद्र ने भी 3 लोगों की मौत की पुष्ट‍ि की है. नॉर्थ सेंट्रल रेलवे के सीपीआरओ गौरव कृष्ण बंसल का कहना है कि मानिकपुर स्टेशन से सुबह 4:18 बजे प्लेटफॉर्म नंबर 2 से निकलते ही ट्रेन के 13 डिब्बे पटरी से उतर गए. इलाहाबाद से मेडिकल टीम रवाना हो गई है. साथ ही मेडिकल वैन को रवाना किया गया है.

वास्को डि गामा एक्सप्रेस पटरी से उतरी

पटरियों में फ्रैक्चर की बात सामने आ रही है-

शरुआती जानकारी के मुताबिक पटरियों में फ्रैक्चर की बात सामने आ रही है. रेलवे की ओर से बताया गया है कि स्लीपर डिब्बों में ज्यादा नुकसान हुआ है. घायल लोगों को चित्रकूट और आस-पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. घटना के बाद रेलवे ने 05322226276 और चित्रकूट पुलिस ने 05198236800 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं.

हादसे में मारे गये लोगों में से दो की पहचान –

जिला अस्पताल की ओर से जारी सूची के अनुसार, हादसे में मारे गये लोगों में से दो की पहचान गोलू कुमार (छह) और दीपक कुमार (30) के रूप में हुई है. तीसरे व्यक्ति की पहचान के प्रयास किये जा रहे हैं. हादसे में घायल हुए लोग हैं रिंकी कुमार (24), अभिषेक (28), अरविंद कुमार (24), रामेश्वर (50) मंजीत देवी (22), इंदल चौहान (24), राजकुमार दास (28), चन्द्रशेखर (18) और जयकुमार (41).

रेलवे प्रवक्‍ता अनिल सक्‍सेना ने बताया कि घायलों को चिकित्‍सा सुविधाएं दी जा रही हैं. हमने राहत और बचाव दल को घटनास्‍थल पर भेज दिया है. घायलों को मानिकपुर और चित्रकूट के अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है. रेल मंत्री पीयूष गोयल हादसे पर नजर बनाए हुए हैं. रेल मंत्री ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को घटनास्‍थल पर जाने का निर्देश दिया है.

वास्को डि गामा एक्सप्रेस पटरी से उतरी

आज तड़के करीब 4.14 पर मानिकपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म 2 से गुजर रही थी ट्रेन –

वहीं चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेन्द्र सिंह ने बताया कि गोवा से पटना जाने वाली 12741 वास्को डि गामा एक्सप्रेस शुक्रवार तड़के करीब सवा चार बजे मानिकपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म फॉर्म संख्या-दो से गुजर रही थी. ट्रेन जैसे ही प्लेटफॉर्म से कुछ दूर आगे बढ़ी, उसके तेरह डिब्बे पटरी से उतर गए.

सिंह ने बताया कि इस हादसे में तीन यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई है और नौ यात्री घायल हो गए हैं. इनमें दो की हालत गंभीर है, जिन्हें जिले के अस्पताल में दाखिल कराया गया है. अन्य घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने बताया कि इस ट्रेन हादसे की वजह से मुंबई, गोवा और पटना जाने वाली ट्रेनों के अलावा कई ट्रेनों का आवागमन प्रभावित हुआ है. फिलहाल बचाव और राहत कार्य जारी है.

उन्होंने बताया कि अब कोई भी यात्री डिब्बों में नहीं फंसा है। रेलवे विभाग के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पहुंचने लगे हैं. इससे पहले उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने कहा था कि राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है. रेलवे के अधिकारी मौके के लिए रवाना हो गये हैं.

टल सकता था हादसा-

सीपीआरओ गौरव कृष्ण बंसल का कहना है कि हादसे की सूचना मिलते ही राहत कार्य शुरू कर दिया गया है. रेल में पुरानी तकनी क से बने ICF कोच थे इसी वजह से डिब्बे एक के ऊपर एक चढ़ गए. अगर कोच जर्मन तकनीक से बने एलएचबी होते तो हादसे के स्केल को कम किया जा सकता था.

pushpendra singh

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