अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का पीएचडी स्कॉलर हिजबुल में शामिल !

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का पीएचडी स्कॉलर हिजबुल में शामिल !

जम्मू-कश्मीर: भारतीय सेना कश्मीर में लगातार आतंक के खात्मे के लिए काम कर रही है. इसके बावजूद रोजाना आतंकी संगठनों से कुछ नए लोगों के जुड़ने की बात सामने आ जाती है. ताजा मामला अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का है. जहां के रिसर्च स्कॉलर मुनान बशीर वानी के आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल होने की खबर है. एके 47 राइफल के साथ उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर आई हैं. वानी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में एप्लाइड जियोलॉजी  में पीएचडी कर रहा था, उसने कुछ दिनों पहले यूनिवर्सिटी छोड़ दी थी.

मुनान बशीर वानी के अब हिज़बुल मुजाहिदीन से जुड़ने की ख़बर आई, वो दक्षिण कश्मीर के कुपवाड़ा ज़िले के लोलाब का रहने वाला है. वानी के आतंकी संगठन में शामिल होने पर सरकार के प्रयासों के प्रयासों को झटका माना जा रहा है क्‍योंकि सरकार कश्‍मीरी युवाओं को हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में वापस लौटने की कोशिश कर रही है.

अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में पीएचडी में दाखिला लिया था-

रिसर्च स्कॉलर मुनान बशीर वानी ने अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में पीएचडी में दाखिला लिया था. पिछले साल गृह नगर उत्तर कश्मीर में आई बाढ़ के बाद जीआईएस तकनीक और रिमोट सेंसिंग को लेकर अपनी रिपोर्ट समिट की थी जिसके लिए उन्‍हें पुरस्‍कार भी मिला था.

मनन वानी कुपवाड़ा जिले के लोलाब का रहने वाला है. वह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जियोलॉजी में पीएचडी कर रहा था. 26 साल का वानी तीन दिन पहले घर आने वाला था. लेकिन उसने घर पर कोई खबर नहीं दी. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो वानी पिछले पांच साल से एएमयू में रह रहा था, वहां उसने एमफिल की डिग्री भी ली. रविवार को ही वानी के परिवार की तरफ से गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने तलाश शुरू की.

आतंकी बनने की पुष्टि नहीं की जा सकती है.-

जम्मू कश्मीर पुलिस ने इस मामले पर कहा है कि अभी व्यक्ति की आतंकी बनने की पुष्टि नहीं की जा सकती है. जो तस्वीर वायरल हो रही है, वह फोटोशॉप भी हो सकती है. पुलिस ने कहा कि स्कॉलर 3 जनवरी से लापता था, उसकी आखिरी लोकेशन दिल्ली पता चल पाई है.

News18tv

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