एक ऐसा पुलिस इंस्पेक्टर जिसने अपनी तनख्वाह से पैरों से लाचार एक बच्चे को कृत्रिम पैर लगवा दिए

एक ऐसा पुलिस इंस्पेक्टर जिसने अपनी तनख्वाह से पैरों से लाचार एक बच्चे को कृत्रिम पैर लगवा दिए

सोनभद्र: अगर आप किसी आम आदमी से पुलिस के बारे में  राय पूछेंगे तो आपको ज्यादातर नकारात्मक बातें ही सुनने को मिलेगी. लेकिन कई बार पुलिस के लोग ऐसा काम कर जाते हैं जो उनके विभाग की कमियों के साथ-साथ हमारे मन में बसाई गई उनकी पुरानी छवि को भी भुलाने पर मजबूर कर देता है.

कुछ ऐसा ही कारनामा किया है सोनभद्र जिले में तैनात इंस्पेक्टर भारत भूषण तिवारी ने. भारत ने अपने तनख्वाह से मिले पैसो से पैरों से लाचार एक बच्चे को कृत्रिम पैर लगवा दिए.

एक लाख रुपये से ज्यादा खर्च करके शिवा को कृतिम पैर लगवाया-

भारत भूषण तिवारी उत्तर प्रदेश पुलिस के एक इंस्पेक्टर हैं. जो सोनभद्र जिले के शक्तिनगर थाना के इंचार्ज हैं. भारत ने नौ साल के शिवा से वादा किया था कि वह पैसा इकट्ठा करके उसके पैर लगवाएंगे. लेकिन उनका ट्रांसफर हो गया. भारत ने ट्रांसफर होने के बाद भी नौ साल के शिवा को दिया अपना वादा याद रखा और एक साल के भीतर एक लाख रुपये से ज्यादा खर्च करके शिवा के कृतिम पैर लगवाएं.

कृतिम पैर लगने के बाद शिवा चलकर भारत के पास गया और सेल्यूट करके बोला जय हिंद. शिवा ने बताया कि जब वह 4 साल का था उस दौरान मां के साथ रेलवे ट्रैक पार करते वक्त हादसे में उसने अपने दोनों पैर गंवा दिए थे.

अब शिवा अपने जिंदगी की उड़ान भर सकेगा-

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सोनभद्र के रिहंद में एक प्रतियोगिता के दौरान इंस्पेक्टर भारत भूषण ने शिवा को देखा था. वह उस समय इंस्पेक्टर के पैर छूने के लिए आगे बढ़ा था और उन्होंने आशीर्वाद भी दिया था, लेकिन जब वह वापस जाने लगे तो देखा कि उस बच्चे के तो पैर ही नहीं हैं. शक्तिनगर थाने पर तैनाती के दौरान मिश्रा गांव के दौरान इस बच्चे को पढ़ते देखकर बातचीत की थी. उन्हें शिवा पढ़ने में काफी तेज लगा. उन्होने उसकी स्कूल की फीस भी भरी और कृत्रिम पैर भी लगवाने का वादा किया. इस दौरान इंस्पेक्टर भारत का तबादला शक्तिनगर से रॉबर्ट्सगंज हो गया लेकिन इस बच्चे को पैर लगवाने के लिए कोशिश जारी रही.

एक माह पहले इस बच्चे को बीएचयू ट्रामा सेंटर में प्राथमिक उपचार के साथ एंडोलिट प्रोस्थेटिक एण्ड अर्थोटिक सेण्टर के द्वारा पैरों की जाँच करने के बाद उसका नाप करवाया. बुधवार को शिवा का कृत्रिम पैर बनकर आ गया. गुरुवार को बीएचयू ट्रामा सेंटर भेजकर बच्चे का पैर लगवाया. कृत्रिम पैर लगने के बाद अब शिवा पहले जैसा चलने लगा है. शिवा के पिता ने बताया के जो मुझे अपने बेटे के लिये करना चाहिये था वो भारत भूषण जी ने किया है इसका अहसान जिंदगी भर रहेगा. भारत ने शिवा के पैर ही नहीं लगवाए बल्कि उसके सपनों को पंख भी दिए हैं. अब शिवा अपने जिंदगी की उड़ान भर सकेगा.

newssource: yourstory

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